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जिला बहराइच – विकासखंड जरवल – ग्राम पंचायत कटका मरौठा


रिपोट राजकुमार मौर्या बहराइच 

जिला बहराइच के विकासखंड जरवल अंतर्गत ग्राम पंचायत कटका मरौठा में मनरेगा योजना की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत मजदूरों को रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है, जिसके कारण गांव के गरीब एवं मजदूर वर्ग के लोग अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए दिल्ली, मुंबई और पंजाब जैसे बड़े शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं।

सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को 120 दिनों तक रोजगार देने की गारंटी दी जाती है, ताकि गांव के लोगों को अपने ही क्षेत्र में काम मिल सके और उन्हें पलायन न करना पड़े। लेकिन ग्राम पंचायत कटका मरौठा में इस योजना की मंशा पर पानी फिरता नजर आ रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि मनरेगा के तहत मजदूरों से काम कराने के बजाय जेसीबी मशीनों से कार्य कराया जा रहा है, जो कि योजना के नियमों के विपरीत है। इससे जहां एक ओर ग्रामीण मजदूरों को रोजगार से वंचित होना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना की छवि भी धूमिल हो रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि मनरेगा के तहत सही तरीके से कार्य कराया जाए तो गांव के सैकड़ों मजदूरों को रोजगार मिल सकता है और उन्हें रोज़गार की तलाश में दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लेकिन कुछ जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण सरकार की मंशा पूरी नहीं हो पा रही है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और मनरेगा के तहत होने वाले कार्यों में मशीनों के प्रयोग पर रोक लगाते हुए स्थानीय मजदूरों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए, ताकि योजना का लाभ वास्तव में जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके।

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